
*#सहारनपुर में प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों का आतंक, गरीबों से मनमानी वसूली…!#*
सहारनपुर जनपद में प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों की मनमानी और गुंडागर्दी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। गरीब और जरूरतमंद लोगों को आसान लोन का लालच देकर ये कंपनियां मनमाने ब्याज की वसूली कर रही हैं। कोर्ट रोड स्थित एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी ने 12 प्रतिशत ब्याज दर के वादे के बावजूद 16 प्रतिशत ब्याज वसूला। पीड़ित ने लोन की पूरी राशि चुकाने के बाद भी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) देने में कंपनी द्वारा आनाकानी की जा रही है। ऐसे मामले जनपद में आम हो गए हैं, जहां लोन वसूली के लिए कंपनियां गुंडागर्दी और धमकियों का सहारा ले रही हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सरकार ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई के नियमों के अनुसार, माइक्रोफाइनेंस कंपनियां ब्याज दर में 4 प्रतिशत से अधिक का अंतर नहीं रख सकतीं और वसूली के लिए तीसरे पक्ष की सेवाओं का उपयोग वर्जित है। इसके बावजूद, सहारनपुर में ये कंपनियां नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वसूली के लिए कंपनियां असामाजिक तत्वों का सहारा लेती हैं, जिससे गरीब परिवारों में भय का माहौल है।
जिला प्रशासन और पुलिस को इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग उठ रही है। कर्नाटक सरकार की तर्ज पर, जहां माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर कड़ा कानून बनाया गया, स्थानीय लोग भी ऐसी पहल की उम्मीद कर रहे हैं। प्रशासन से हेल्पलाइन शुरू करने और दोषी कंपनियों पर कठोर कार्रवाई की अपील की जा रही है ताकि गरीबों का शोषण रोका जा सके।
रिपोर्ट सोनू राणा
