सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म को मौलिक अधिकार घोषित कर दिया है
क्यों है चर्चा में= एक जनहित याचिका दायर की गई जय राम ठाकुर एडवोकेट नवीन के द्वारा
उसमें तीन मांगे थी
1 ,6 th to 12 th सेनेटरी पैड
2 , लड़के और लड़कियों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था
3, और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएं
अनुच्छेद 21 क्यों है जुड़ा हुआ
प्राण एवं दैविक स्वतंत्रता गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार और व्यवहारिक में लाया जाए
क्या यह सामाजिक कलंक है,
छात्राएं स्कूल से छुट्टी रख लेती है जिससे पढ़ाई बाधित होती है और अनुच्छेद 21 ए पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है राइट टू एजुकेशन 2009 में लाया गया था
* * महिला एवं छात्रों को अपमान भरी नजरों से देखा जाता है
* क्या है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन
* शौचालय में सो जल की आपूर्ति
* दिव्यांग छात्र एवं छात्राओं के लिए शौचालय बाधा रहित
* छात्राओं को सेनेटरी पैड ऑक्सोबायोटिक ग्रेवल दिए जाएंगे जो पर्यावरण के अनुकूल होंगे
* करवाई क्या होगी
* प्राइवेट स्कूलों की मान्यताएं रद्द कर दी जाएगी
* सरकारी स्कूल ऑन अगर अनुपालन नहीं करते तो स्वयं राज्य सरकार जिम्मेदार होगी रिपोर्ट:-एम एम मलिक,विकास कुमार
